होम्योपैथी में संभव है बिना ऑपरेशन पथरी का इलाज

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होम्योपैथी में संभव है बिना ऑपरेशन पथरी का इलाज

मतौर पर मान लिया जाता है कि पथरी का इलाज सिर्फ ऑपरेशन कराना है, लेकिन होम्योपैथी एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें कुछ ही दिनों में पथरी के दर्द से राहत मिल सकती है। पथरी एक ऐसा दर्दनाक रोग है, जिससे आज देश के 100 परिवारों में से 80 परिवार पीड़ित है। सबसे दु:खद बात यह है कि इनमें से कुछ प्रतिशत रोगी ही इसका होम्योपैथी इलाज करवाते हैं और बाकी लोग जानकारी के अभाव में इस असहनीय पीड़ा को सहन करते रहते हैं। तले-भुने और वसायुक्त आहार का सेवन, मोटापा, पानी कम पीने जैसी आदतों के चलते भी पथरी के मामले बढ़ रहे हैं। होम्योपैथी में मौजूद है सरल इलाज...
बेहद आम इस समस्या के होने के यूं तो कई कारण हैं। आमतौर पर मान लिया जाता है कि पथरी का इलाज सिर्फ ऑपरेशन कराना है, लेकिन होम्योपैथी एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें कुछ ही दिनों में पथरी के दर्द से राहत मिल सकती है। यहां हम पथरी होने के कारणों, पथरी के प्रकार और होम्योपैथी में कैसे इसका बिना ऑपरेशन, बिना इंजे€क्शन सरल इलाज मौजूद है, इस बारे में हमने बात की इंदौर के होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. ए.के.द्विवेदी से, जो कई सालों से पथरी के इलाज के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कई मरीजों को पथरी से 20 से 25 दिनों में निजात दिलाई है।


पथरी होने के कारण

  • तले-भुने एवं वसायुक्त आहार का सेवन, मोटापा, पानी कम पीने जैसी आदतों के चलते पथरी के मामले बढ़ रहे हैं।
  • पथरी बनने का कारण कैल्शियम की जमावट, मूत्राशय की नलिका में रूकावट आदि हैं। इसका संबंध हाइपर पैराथायरॉइडिजम से भी होता है। यदि यह कैल्शियम पेशाब के साथ बाहर निकल जाए तो बेहतर है वर्ना यह गुर्दे की कोशिकाओं में एकत्र होता रहता है और पथरी का रूप ले लेता है।
  • पेशाब में कैल्शियम की अधिकता हाइपरकैल्सियूरिया कहलाती है। यह समस्या अत्यधिक कैल्शियम वाले आहार के सेवन से होती है।

पथरी के लक्षण


पित्ताशय की पथरी कई वर्षों तक लक्षणरहित भी रह सकती है। आमतौर पर लक्षण तब दिखने शुरू होते हैं, जब पथरी एक निश्चित आकार प्राप्त कर लेती है, जबकि किडनी की पथरी में पेशाब में जलन जल्दी होने लगती है।

  • पित्ताशय की पथरी का एक प्रमुख लक्षण "पथरी का दौरा" होता है जिसमें व्यक्ति को पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अत्यधिक दर्द होता है, जिसके बाद प्राय: मिचली और उल्टी आती है, जो 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक निरंतर बढ़ती ही जाती है।
  • किसी मरीज को ऐसा ही दर्द कंधे की हड्डियों के बीच या दाहिने कंधे के नीचे भी हो सकता है। यह लक्षण "गुर्दे की पथरी के दौरे" से मिलते-जुलते हो सकते हैं।
  • अक्सर ये दौरे विशेषत: वसायुक्त भोजन करने के बाद आते हैं और लगभग हमेशा ही यह दौरे रात के समय आते हैं।
  • अन्य लक्षणों में, पेट का फूलना, वसायुक्त भोजन के पाचन में समस्या, डकार आना, गैस बनना और अपच इत्यादि होते हैं।

20-25 दिन में मिल सकती है पथरी की समस्या से राहत

डॉ. एके द्विवेदी बताते हैं कि उनके द्वारा दी जाने वाली दवाइयों से कई मरीजों की छोटी-छोटी पथरी कुछ ही दिनों में होम्योपैथिक दवा से निकल गई। एक महिला मरीज, जिसको 11X6एमएम की पथरी थी, मात्र 21 दिन की होम्योपैथी दवा लेने से मूत्र मार्ग से निकल गई। इसके लिए डॉ. द्विवेदी को गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया। छोटे बच्चों में भी पथरी बन जाती है, जिन्हें कुछ माह तक होम्योपैथी दवाइयां देने से पथरी निकल भी जाती है तथा बार-बार पथरी का बनना भी बंद हो जाता है।


डॉ. ए.के. द्विवेदी
बी.एच.एम.एस., एम.डी. (होम्यो.), एफ.एच.सी.एच., लंदन (यू.के.),
पीएच.डी., एम.बी.ए., एम.ए. (योग)
ई-मेलः drakdindore@gmail.com